बिहार में शराब गायब, अधिकारियों का आरोप चूहों पर

नितीश के राज में बिहार के कैमूर जिले में एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चूहों को शराब पीने की लत लग गई है और वोह शराबबंदी के कारण पुलिस और आबकारी इत्यादि विभागों द्वारा छापेमारी में जब्त शराब और बियर के भंडारगृह में से चुराकर 100 लीटर पी चुके हैं।

अब तक 200 कैन गायब हैं, इतनी अंधाधुंध शराब पीने के कारण चूहों की लीवर सिरोसिस की वजह से मौत भी हो सकती है! उन्हें देसी, विदेशी, बीयर और ब्रांडी में कोई फर्क नहीं मालूम है और वह अंधाधुंध शराब पीते जा रहे हैं।

हम यहाँ कोई हास्य कथा नहीं सुना रहे हैं बल्कि अधिकारीयों ने यह हास्यपद तर्क दिया है। कहा जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों ने कार्रवाई से बचने के लिए बियर के केन गायब होने का आरोप चूहों पर लगाया दिया है। ज्ञात रहे कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। यहां समय-समय पर पुलिस, आबकारी और अन्य संबंधित विभागों द्वारा छापेमारी में बरामद की गई शराब और बियर को जब्त करके भंडारगृह में रखा जाता है।

भभुआ SDM कुमारी अनुपमा सिंह का कहना है कि ‘ऐसा लग रहा है कि यह सब चूहों की कारस्तानी है। गोदाम में करीब 6 से 7 कार्टन थे और अब वह केन पूरी तरह खाली हैं।’ कैमूर DM नवल किशोर चौधरी ने भी इसके पीछे चूहों का ही दोष बताया है। उनका कहना है कि बीयर के केन चूहों ने दांत से काटे हैं। अगर यह इंसानों का काम होता तो वह केन को ढंग से काटते। हमने इस मामले में एक विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

प्लास्टिक से सील केन कटे हुए मिले हैं, कई केन गायब थे और कई में छेद थे। जिला आबकारी अधीक्षक प्रदीप कुमार का अनुमान है कि बियर के केन चूहों ने कुतर दिए हैं, जिससे वे खाली हो गए हैं। उनका यह भी कहना है कि हो सकता है कि कुछ बोतलें चूहे खींचकर ले गए हों।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्पष्ट रूप से कुछ कह पाना अभी जल्दीबाजी है। पटना के जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक गोपाल शर्मा को भी ऐसा संभव लगता है, उनका कहना है कि जिस स्थान पर है चूहे हैं अगर वहां पानी उपलब्ध नहीं है तो वह प्यास बुझाने के लिए शराब का सेवन कर सकते हैं, हालाँकि वह इन दावों से सहमत नहीं हैं कि चूहों 100 लीटर शराब पी ली हो।

दूसरी ओर अविभाजित बिहार और झारखंड के रिटायर्ड मुख्य सचिव वीएस दुबे का मानना है कि अधिकारियों ने या तो खुद शराब पी है या फिर बेचकर चूहों पर इल्जाम लगा रहे हैं।

ऐसी ही मामला पटना में पिछले साल जब्त की गयी करीब 9 लाख लीटर शराब में भी सामने आया था, तब भी शराब को भारी मात्रा में चूहों द्वारा नष्ट कर दिए जाने का इलज़ाम लगाया गया था।

हम तो सिर्फ इतना कह रहे हैं की जल्दी से जल्दी उन चूहों की जाँच कराइ जानी चाहिए, वर्ना कहीं लीवर डैमेज होने से उनकी मौत ना हो जाए, आपका क्या कहना है?

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